आज का हिन्दू पंचांग

दिनांक 21 अगस्त 2020

⛅️ दिनांक 21 अगस्त 2020
⛅️ दिन – शुक्रवार
⛅️ विक्रम संवत – 2077 (गुजरात – 2076)
⛅️ शक संवत – 1942
⛅️ अयन – दक्षिणायन
⛅️ ऋतु – वर्षा
⛅️ मास – भाद्रपद
⛅️ पक्ष – शुक्ल
⛅️ तिथि – तृतीया रात्रि 11:02 तक तत्पश्चात चतुर्थी
⛅️ नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी रात्रि 09:29 तक तत्पश्चात हस्त
⛅️ योग – सिद्ध दोपहर 02:02 तक तत्पश्चात साध्य
⛅️ राहुकाल – सुबह 10:55 से दोपहर 12:30 तक
⛅️ सर्योदय – 06:20
⛅️ सर्यास्त – 19:02
⛅️ दिशाशूल – पश्चिम दिशा में
⛅️ वरत पर्व विवरण – हरितालिका-केवड़ा तीज, वराह जयंती

💥 विशेष – तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

गणेश उत्सव

22 अगस्त 2020 शनिवार से गणेश उत्सव शुरू हो रहा है जो की ये 10 दिन भगवान गणेश को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए बहुत ही खास माने जाते हैं। वास्तु में भी कुछ वस्तुओं का खास संबंध भगवान गणेश से माना जाता है। यदि आज इन 5 में से एक भी वास्तु घर लाई जाए तो भगवान गणेश के साथ-साथ देवी लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है और घर-परिवार पर उनकी कृपा हमेशा बनी रहती है।

गणेश की नृत्य करती प्रतिमा

धन संबंधी परेशानियां दूर करने के लिए नृत्य करती गणेश प्रतिमा घर में रखना शुभ माना जाता है। प्रतिमा को इस तरह रखें कि घर के मेन गेट पर भगवान गणेश की दृष्टि रहे।

बांसुरी

बांसुरी घर में रखने से घर में लक्ष्मी का वास बना रहता है।इससे घर के वास्तु दोष दूर होते हैं और धन पाने के योग बनने लगते हैं।

एकाक्षी नारियल

जिस घर में एकाक्षी नारियल रखा जाता है और इसकी नियमित पूजा होती है, वहां नेगेटिविटी नहीं ठहरती है, न ही कभी धन-धान्य की कमी होती है।

घर के मंदिर में शंख

शंख में वास्तु दोष दूर करने की अद्भुत शक्ति होती है। जिस घर के पूजा स्थल में शंख की स्थापना भी की जाती है, वहां देवी लक्ष्मी स्वयं निवास करती हैं।

कुबेर की मूर्ति

भगवान कुबेर उत्तर दिशा के स्वामी माने जाते हैं, इसलिए उत्तर दिशा में इनकी मूर्ति रखने से घर में कभी पैसों की कमी नहीं होती।

वास्तु शास्त्र

इस तरह कर सकते हैं वास्तुदोष का अंत

घर का जो हिस्सा वास्तु के अनुसार सही न हो, वहां घी मिश्रित सिंदूर से श्री गणेश स्वरुप स्वस्तिक दीवार पर बनाने से वास्तु दोष का प्रभाव कम होने लगता है।

आर्थिक परेशानी रहती हो तो

अथर्ववेद की गणेश उपनिषद के अनुसार दूर्वा ( जो गणेशजी की पूजा के काम में आता है ) उसे घी में डुबायें …. और आहूति दें …. ये मंत्र बोल कर आहूति डालें … ” ॐ गं गणपतये स्वाहा “

समाज में हर काम में विफलता – अपयश मिलता हो तो

👨🏻 जिन लोगो को समाज में हर काम में विफलता मिलती है, अपयश मिलता है, वे लोग साल (संस्कृत में उसे लाजा कहते है ) में घी मिला कर गणपति मंत्र से हवन करें तो कार्य सिद्ध होते है । यश की वृद्धि होती है ।

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