आज का हिन्दू पंचांग | दिनांक 29 जुलाई 2020

**🌞 ~ आज का हिन्दू पंचांग ~ 🌞

⛅️ दिनांक 29 जुलाई 2020

⛅️ दिन – बुधवार
⛅️ विक्रम संवत – 2077 (गुजरात – 2076)
⛅️ शक संवत – 1942
⛅️ अयन – दक्षिणायन
⛅️ ऋतु – वर्षा
⛅️ मास – श्रावण
⛅️ पक्ष – शुक्ल
⛅️ तिथि – दशमी 30 जुलाई रात्रि 01:16 तक तत्पश्चात एकादशी
⛅️ नक्षत्र – विशाखा सुबह 08:33 तक तत्पश्चात अनुराधा
⛅️ योग – शुक्ल शाम 03:35 तक तत्पश्चात ब्रह्म
⛅️ राहुकाल – दोपहर 12:33 से दोपहर 02:12 तक
⛅️ सर्योदय – 06:12
⛅️ सर्यास्त – 19:17
⛅️ दिशाशूल – उत्तर दिशा में
⛅️ वरत पर्व विवरण –

🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

🌷 एकादशी व्रत के लाभ 🌷

➡️ 30 जुलाई 2020 बुधवार को रात्रि 01:17 से रात्रि 11:49 तक (यानी 30 जुलाई बुधवार को पूरा दिन) एकादशी है ।

💥 30 जुलाई बुधवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।

🙏🏻 एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है ।

🙏🏻 जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।

🙏🏻 जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।

🙏🏻 एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।

🙏🏻 धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।

🙏🏻 कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।

🙏🏻 परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।

🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

🌷 एकादशी के दिन करने योग्य 🌷

🙏🏻 एकादशी को दिया जला के विष्णु सहस्त्र नाम पढ़े …….विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l

अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़े तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l

🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

🌷 एकादशी के दिन ये सावधानी रहे 🌷

🙏🏻 महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के जो दिन चावल खाता है… तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है…ऐसा डोंगरे जी महाराज के भागवत में डोंगरे जी महाराज ने कहा

🙏🏻 – पूज्य बापूजी मुंबई 1/1/2012

🌞 ~ हिन्दू पंचाग ~ 🌞

Source: Astrology Group

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