Category: एस्ट्रो लेख

AkashVani Astrology Post

पितृ पक्ष – श्राद्ध

जिन लोगों को अपने परिजनों की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं होती उनके लिये भी श्राद्ध-पक्ष में कुछ विशेष तिथियाँ निर्धारित की गई हैं । उन तिथियों पर वे लोग पितरों के निमित श्राद्ध...

AkashVani Astrology Post

कौवे से जुड़े शकुन और अपशकुन का रहस्य?

जानवरों के संबंध में अनेको बाते  हमारे पुराणों एवं ग्रंथो में भी विस्तार से बतलाई गई है। प्राचीन समय के ऋषियों मुनियों ने अपने शोध में बताया था की प्रत्येक जानवर के विचित्र व्यवहार...

AkashVani Astrology Post

काल सर्प दोष का सरल एवं सस्ता उपाय

काल सर्प दोष कुण्डली में राहू – केतू के मध्य सभी ग्रह आ जाते हैं तो यह दोष बन ता है। उपाय अमावस्या के दिन तीन जटा वाले नारियल, एक किलो कच्चे कोयला ले...

AkashVani Vastu Shastra

भगवान हनुमान की तस्वीर

हनुमान की तस्वीरों से जुड़ी विशेष बाते भगवान हनुमान की तस्वीरों से जुड़ी बाते लेकिन अब आप अपनी मनोकामना के लिए उसके मुताबिक हनुमान जी की तस्वीर की पूजा करके उन्हें प्रसन्न कर सकते...

AkashVani Astrology Post

10 सरल वास्तु टिप्स

सफलता चाहिए तो अपनाएं ये छोटे-छोटे 10 सरल वास्तु टिप्स जीवन को खुशहाल बनाएंगे ये 10 वास्तु उपाय वास्तु विज्ञान में हमारे पूर्वजों ने अपने दिव्य ज्ञान से ऐसे अनेक तथ्यों को शामिल किया...

AkashVani Astrology Post

16 सिद्धियां

16 सिद्धियां सुना तो है पर होती क्या हैं? वाक सिद्धि जो भी वचन बोले जाए वे व्यवहार में पूर्ण हो, वह वचन कभी व्यर्थ न जाये, प्रत्येक शब्द का महत्वपूर्ण अर्थ हो, वाक्...

AkashVani Astrology Post

ग्रह दशा

कुछ ऐसे संकेतों के बारे में जानें जो यदि आपमें प्रकट हो रहे हैं तो समझें आपकी ग्रह दशा बिगड़ रही है पैर हिलाना यदि अचानक पैर हिलाने की आदत बढ़ रही है या...

Rahu

राहु और बिजली

कड़कती बिजली के रूप में कुपित राहु साधारण रातों में चलने वाली हवा में होने वाली साएं-साएं – राहु है । लेकिन हवा प्रबल हो जाये और तूफान बन जाये तो उसमें कड़कती बिजली...

AkashVani Astrology Post

कर्म, भाग्य और ज्योतिष

जीवन में पुरूषार्थ और भाग्य दोनों का ही अलग-अलग महत्व है। ये ठीक है कि पुरूषार्थ की भूमिका भाग्य से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है लेकिन इससे भाग्य का महत्व किसी भी तरह से कम...

AkashVani Career

ज्योतिष से चुनें शिक्षा क्षेत्र

सर्वप्रथम जातक के बचपन से ही उसकी कुण्डली विषय की पढाई व केरियर चयन में सहायक होती हैं । जातक की कुण्डली से तय करना चाहिए कि वह नौकरी करेगा या व्यवसाय । जातक...