Category: योग

AkashVani Astrology Post

16 सिद्धियां

वाक सिद्धि जो भी वचन बोले जाए वे व्यवहार में पूर्ण हो, वह वचन कभी व्यर्थ न जाये, प्रत्येक शब्द का महत्वपूर्ण अर्थ हो, वाक् सिद्धि युक्त व्यक्ति में श्राप/वरदान देने की क्षमता होती है।

AkashVani Career

ज्योतिष से चुनें शिक्षा क्षेत्र

जन्म कुण्डली का नवम भाव धर्म त्रिकोण स्थान हैं जिसके स्वामी देव गुरू बृहस्पति हैं यह भाव शिक्षा महत्वाकांक्षा व उच्च शिक्षा तथा उच्च शिक्षा किस स्तर की होगी को दर्शाते हैं यदि इसका सम्बन्ध पंचम भाव से हो जाए तो अच्छी शिक्षा तय करते हैं ।

Budh Aaditya Yog

बुधादित्य योग (राजयोग)

बुधादित्य योग एक शुभ योग होने से सूर्य(राजा)+बुध(युवराज) की युति से बनने के कारण लम्बे समय तक शुभ फल देने वाला योग है क्योंकि राजा के बाद राज्य का उत्तराधिकारी युवराज ही होता है।

Shani Saturn | Shani Dev | Shani Maharaj

द्वादश भावों मे शनि का फल

जन्म कुंडली के बारह भावों मे जन्म के समय शनि अपनी गति जन्म कुंडली के बारह भावों मे जन्म के समय शनि अपनी गति और जातक को दिये जाने वाले फ़लों के प्रति भावानुसार...

स्वपन

सपनों से जीवन का क्या सम्बन्ध है

क्या होता है जब सपने आते हैं? ज्योतिष शास्त्र में सपनों को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं। जिसके अनुसार सपने हमें भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में बताते हैं।कुछ सपने शुभ फल...

Laghu Parashari ke Mukhya Siddhant

लघु सिद्धांत पाराशरी के मुख्य सूत्र

सभी ग्रह जिस स्‍थान पर बैठे हों, उससे सातवें स्‍थान को देखते हैं। शनि तीसरे व दसवें, गुरु नवम व पंचम तथा मंगल चतुर्थ व अष्‍टम स्‍थान को विशेष देखते हैं।

Janiye Aaj Mantrajprat Se Shuddhi Tan Man Aadi

जानिये आज मंत्रजप्रत से शुद्ध शरीर मन तन आदि

जानिये आज मंत्रजप्रत से शुद्ध शरीर मन तन आदि शास्त्रों में जन्मकुण्डली के बारह स्थान बताये गये हैं।

Somvati Amavasya

सोमवती अमावस्या

सोमवती अमावस्या को ऐसे करें पूजा तो दूर होंगे बुरे योग हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का दिन शुभ माना जाता है। इस दिन मौन व्रत और उपवास करने से कुंडली के दोष और...

Kundali ke dosh upay

कुण्ड़ली मे बनने वाले दस दोष व उपाय

बालारिष्ट दोष जब चंद्रमा लग्न से छठे, आठवें और बारहवें भाव मे, कमज़ोर स्थिति में और क्रुर ग्रहों के प्रभाव मे हो तो बालारिष्ट दोष होता है। चंद्रमा की ये कमज़ोर और पीडित स्थिति बचपन मे आयु के लिए शुभ नही होती है।

Vakri Guru Ka Prabhav

वक्री गुरु का प्रभाव

वक्री ग्रह का नाम सुनकर अक्सर लोग डर जाते हैं। वक्री ग्रह का नाम सुनकर अक्सर लोग डर जाते हैं। ग्रहों के वक्रत्व का अर्थ वे अनिष्ट से लगाते हैं। जन्म कुंडली में यदि...