कर्क - Cancer (Fourth sign of zodiac)

Raashi Kark
अधिपति चंद्रमा
प्रतीक चिन्ह् केकड़ा।
शुभ चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति
अशुभ बुध, शुक्र
सम सूर्य, शनि
मारक सूर्य, बुध, शनि
बाधक स्थान वृष (9वां)।
बाधकपति शुक्र
योगकारक मंगल, बृहस्पति
उच्चस्थ वृहस्पति
नीचस्थ मंगल 28°
मूलत्रिकोण
आदर्श मिलान राशि कर्क, वृश्चिक, मीन
चंद्रमा की शुभ डिग्री
चंद्रमा की अशुभ डिग्री 22°, 25°
भाग्यशाली परफ्यूम/सुगंध ओनिचा।
भाग्यशाली रत्न चांदी की अंगूठी में मोती, चौथी उंगली में।
भाग्यशाली रंग लाल, पीला, क्रीम सफेद। नीले रंग का परहेज करें।
भाग्यशाली दिन रविवारशुक्रवार मनोरंजन के लिए, सोमवार, मंगलवारगुरुवार सफलता के लिए, बुधवार यात्रा व निवेश के लिए।
भाग्यशाली संख्या 1, 4, 6, 8.
व्रत का दिन सोमवार
नियंत्रण भावनाओं, खून, लगाव की गहरी अनुभूति।

विशेष लक्षण :

जलीय, गतिशील, चर राशि, फलदायक, पृष्ठोदय, उत्तर, स्त्री, नकारात्मक, जलचर, रेंगने वाला, रात्रि संबंधी, मध्यम चढ़ावदार, दक्षिणायन, सुस्त, सावन (15जुलाई- 15अगस्त), दोपहर में अंधा, चंद्र क्षेत्र, शुभ, सौम्य, सम, रात की राशि, धातु, ब्राह्मण, तीव्र, मोक्ष, भावना, संवेदनशील व अस्थिर राशि।अंतिमभाग को रिक्त सन्धि के नाम से जाना जाता है।

रूप, रंग व आकार :

गोरा रंग, मध्यम कद, लम्बा चेहरा, भरा हुआ चेहरा, मांसल गरदन, नाक थोड़ी नीची, लम्बी भुजाएं, चौड़ी कमर, चौड़ा सीना, तेज चलता है किन्तु एक सीध में नहीं, कमजोर संरचना।

सकारात्मक लक्षण/गुण :

दयालु, संवेदनशील, कल्पनाशील, फलदायी कल्पनाएं, देखभाल करना, आत्म निर्भर, आध्यत्मिक प्रकृति, अन्तज्ञार्नी, पाला हुआ/पालतू, ईमानदार, न्यायप्रिय व निष्पक्ष व्यवहार, बुद्धिमान, समायोजक, अच्छी स्मृति, बातुनी, रक्षात्मक, बेचैन, बहुत मितव्ययी, परिवार से जुड़ा हुआ, संगीत का शौकीन तथा संगीत में निपुण, आस- पास के वातावरण तथा दूसरों के विचारों व भावनाओं से आसानी से प्रभावित होना, मेहमाननावज, अनुभवी, निश्चित्ता, भावुक उद्यमी।

नकारात्मक लक्षण/गुण :

स्वार्थी, शर्मीला, अशांत, स्त्री के वश में रहना, क्षमा ना करना, कम स्वास्थ्यवर्धक शक्ति, हेरा- फेरी करना, मजबूर करने पर अस्थिर, जिद्दी व दृढ़ निश्चयी होना, बेचैन, हक जताना, बहुत आसानी से ठेस लगना, आसानी से धोखा खाना, आत्मविश्वास की कमी, लापरवाह, चिड़चिड़ा, स्वयं पर दया भाव रखना, नाखुश वैवाहिक जीवन, मूडी/उदासीन, अत्यंत संवेदनशील, अत्यधिक भावुक।

अधिशासित शारीरिक अंग :

अंग, पसलियां, भोजन नली, उरोस्थि, गर्भाशय।

ग्रन्थियां, नसें व धमनियां :

अग्नाशय, वक्ष।

संभावित रोग :

क्षय रोग (टी.बी.), रक्तचाप, ड्राप्सी, हृदय, गैसीय समस्या, बदहजमी, हृदय की जलन, कम जीवन-शक्ति या आंतरिक- शक्ति, भयग्रस्त, मोटापा, फोड़ा, रोगों से लड़ने की क्षमता में कमी, मिर्गी, फेफड़ों के रोगों से ग्रसित, पेट फूलना।

व्यवसाय व व्यापार :

नेतृत्व करना/नेतागिरी, पुरानी वस्तुओं का व्यापारी, कलाबाजी, खेलकूद, पनहारा/भिस्ती, नौ सेना, जल- परिवहन, बंदरगाह, मछली, समुद्री उत्पाद, नाविक, मोती, दूध, तरल व रसायन, हथियार, विस्फोटक, हस्तकला, कपड़ा, टेक्सटाइल, उद्योग, भोजन प्रबंधक, होटल नर्स से संबंधित, संगीत, नृत्य, अभिनय, शस्त्र/शास्त्र।

राशि वाले :

  1. कर्क लग्न वाले उदासीन व झगड़ालु बन जाते हैं यदि उन्हे दूसरे लोग उपेक्षित या अनदेखा करते हैं तो।
  2. ये कल्पनाशील और अनुकरण करने वाले होते हैं किन्तु आसानी से दूसरों के विचारों से गंभीर रूप से प्रभावित हो जाते हैं।
  3. ये परिवार से जुड़े होते हैं, परन्तु इनका घरेलु जीवन खुशहाल नहीं होता है।
  4. ये अपने मन में बार – बार किसी भी बात का मंथन करते रहते हैं।