कुवारी लड़कियों को बिंदी क्यूँ नही लगवाते

क्या आप जानते हो हम अपने परिवार की कुवारी लड़कियों को बिंदी क्यूँ नही लगवाते ?

या तिलक / बिंदी लगाने का क्या लाभ है।

हमारी जनंम कुंडली का दूसरा भाव हमारे चेहरे का है हमारा माथा आँखें मुँह दांत जिव्हा वाणी सब दूसरे भाव में है।

दूसरे भाव के कारक गुरु और शुक्र है ।गुरु आज्ञा शुक्र सुंदरता ।

दोनों eyebrows के मध्य भाग जो आज्ञा चक्र है वहां गुरु का प्रभाव है बिंदी या तिलक वहीं लगाया जाता है।

जब हम किसी को कुछ समझते है या डांटते है तो आंगूठे के साथ वाली ऊँगली का इस्तेमाल करते है साथ ही दोनों eyebrows के मध्य भाग पर भी प्रभाव पड़ता है ये गुरु का स्थान है।

बिंदी या तिलक करने से आकर्षण और सुंदरता दोनो बढ़ते है साथ ही हमारा परभाव भी बढ़ता है दूसरों को आकर्षित करने का प्रभाव बढ़ता है।

बिंदी लगाने से सुंदरता और आकर्षण दोनों बढ़ते है इसिलए हम अपनी कुवारी लड़किओ को बिंदी नही लगवाते ।

अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए सुंदरता बढ़ाने के किए बिंदी या तिलक करना चाहिए।

तिलक या बिंदी का स्थान गुरु का है चेहरा शुक्र का है तिलक अक्सर पिले लाल योगिया रंग से करते है या सफेद से ।

कुदरती वस्तुए केसर हल्दी चंदन का तिलक या बिंदी शुभ होती है।

काला या किसी भवूति का तिलक नही करना चाहिए करना भी हो तो कुछ समय के लिए करें रोज नही।

तिलक करें बिंदी लगाएं आकर्षण और सुंदरता बढ़ाएं ।

Females काली नीली बिंदी कम समय के लिए लगाएं बाज़ारी बिंदी के साथ हल्दी चंदन या केसर की बिंदी जरूर लगाएं ।

Source: Astrology Group

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