मीन - Pisces (Twelth sign of zodiac)

Raashi Meen
अधिपति बृहस्पति
प्रतीक चिन्ह् दो मछलियां।
शुभ चंद्रमा, मंगल
अशुभ सूर्य, बुध, शुक्र, शनि
सम बृहस्पति
मारक बुध, शुक्र, शनि
बाधक स्थान कन्या (7वां)।
बाधकपति बुध
योगकारक मंगल, चंद्रमा
उच्चस्थ शुक 27°।
नीचस्थ बुध 15°।
मूलत्रिकोण
आदर्श मिलान राशि कर्क, कन्या
चंद्रमा की शुभ डिग्री
चंद्रमा की अशुभ डिग्री 10°, 12°
भाग्यशाली परफ्यूम/सुगंध अम्बरगीस।
भाग्यशाली रत्न पुखराज सोने में पहली उंगली में, गोमेदक सफेद नीलम, गोमेद।
भाग्यशाली रंग पीला, संतरी, लाल, गुलाबी। नीले रंग के प्रयोग से बचें।
भाग्यशाली दिन रविवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार
भाग्यशाली संख्या 1, 3, 4, 9
व्रत का दिन बृहस्पतिवार
नियंत्रण रक्त।

विशेष लक्षण :

जलीय, दोहरा, सामान्य, अस्थिर, द्वि – शरीर, द्विस्वभाव, फलदायक, उभयोदय (दोनों), उत्तर, स्त्री, नकारात्मक, जलचर, दिनचर, कम चढ़ावदार, उत्तरायण, कफमय, चैत्र/वैशाख (15मार्च-15अप्रैल), रात्रि के समय शक्तिशाली, शुभ, सौम्य, सम, रात की राशि, चंद्र क्षेत्र, जीव (कीट से मानव तक), ब्राह्मण, मोक्ष, छुपा हुआ, अंतॻयान, भावनात्मक, बौद्धिक, आत्मिक, दार्शनिक, संवेदनशील एवं अस्थिर राशि। अंतिम भाग रिक्त- संधि के नाम से जाना जाता है।

रूप, रंग व आकार :

मध्यम कद, सुन्दर शरीर, बलवान, बड़ा सिर, तेजस्वी चेहरा, सुन्दर आँखें, मुलायम व हल्के बाल, आनुपातिक अंग, चौड़ा पेट, गोलाकार कंधे, भरपूर व मांसल शरीर, उन्नत नाक।

सकारात्मक लक्षण/गुण :

दयालु, सहानुभूतिपूर्ण, ईश्वर से डरना, भावनात्मक व आत्मिक प्रकृति, मेहमाननवाज, धार्मिक, कलात्मक, दूसरे के विचारों व अनुभूतियों से तथा आस – पास के वातावरण से आसानी से प्रभावित हो जाना, समायोजक/व्यवस्था योग्य, साहसी, ग्रहणशील, विद्वान, अन्तज्ञरनी, पत्नि व भाग्य से संतुष्ट, आभारी, अन्धविश्वासी, कृपालु, सहयोगी, परम्परावादी, शर्मीला, परिवर्तन व यात्रा के प्रति झुकाव,

नकारात्मक लक्षण/गुण :

भ्रमित, डरपोक, लालची, पराश्रित, मितव्ययी, अनैतिक, रूढि़वादी, अस्पष्ट, हर बात के लिए खुद को दोषी मानने की प्रवृति, दूसरों की समस्याओं में अत्यंत भावनात्मक रूप से शामिल होना, आत्मविश्वास की कमी, निर्णय लेने की क्षमता की कमी, हठी, दूसरों पर अधिकार का प्रयोग करने के लिए महात्वाकांक्षी, आसानी से नेतृत्व से गुमराह हो जाना, पलायनवादी, रूढि़वादी सिद्धान्तों का कठोरता से पालन करना, आत्म – कृपालु, बेचैन, अवासादी, कमजोर इच्छाशक्ति।

अधिशासित शारीरिक अंग :

पैर व पैरों का अंगुठा।

ग्रन्थियां, नसें व धमनियां :

पीयूषिका ग्रन्थि, लसीका प्रणाली।

संभावित रोग :

शराबीपन, फोड़ा, पैरों के अंगुठों की सूजन, सर्दी, बिवाई/शीतदंश, क्षयरोग, नशाखोरी, पाचन तंत्र, जलोदर, भुलक्कड़पन, गठिया, ग्रंथिय विकार, हेंजतव.इकवउपदंस ेलेजमउ जवमेए पागलपन, फेफड़े, आंव, बलगम, टी.बी., रसौली।

व्यवसाय व व्यापार :

शराबीपन, फोड़ा, पैरों के अंगुठों की सूजन, सर्दी, बिवाई/शीतदंश, क्षयरोग, नशाखोरी, पाचन तंत्र, जलोदर, भुलक्कड़पन, गठिया, ग्रंथिय विकार, हेंजतव.इकवउपदंस ेलेजमउ जवमेए पागलपन, फेफड़े, आंव, बलगम, टी.बी., रसौली।

राशि वाले :

  1. मीन लग्न वाले मंगल व केतु की दशाओं में चमकते हैं।
  2. ये लगातार व बड़ी मात्रा में पानी पीने के शौकीन होते हैं।
  3. ये अनेक बीमारियों से ग्रसित होते रहते हैं, किन्तु उतनी ही तेजी से ठीक भी हो जाते हैं।
  4. Pray, feed and serve the poor.