Tagged: Kalsarpyog

AkashVani Astrology Post

पितृ पक्ष – श्राद्ध

इस तिथि को नाना-नानी के श्राद्ध के लिए सही बताया गया है । इस तिथि को श्राद्ध करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है ।

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कौवे से जुड़े शकुन और अपशकुन का रहस्य?

जानवरों के संबंध में अनेको बाते  हमारे पुराणों एवं ग्रंथो में भी विस्तार से बतलाई गई है। प्राचीन समय के ऋषियों मुनियों ने अपने शोध में बताया था की प्रत्येक जानवर के विचित्र व्यवहार...

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काल सर्प दोष का सरल एवं सस्ता उपाय

काल सर्प दोष कुण्डली में राहू – केतू के मध्य सभी ग्रह आ जाते हैं तो यह दोष बन ता है। उपाय अमावस्या के दिन तीन जटा वाले नारियल, एक किलो कच्चे कोयला ले...

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108 का रहस्य !

(The Mystery of 108) वेदान्त में एक मात्रकविहीन सार्वभौमिक ध्रुवांक 108 का उल्लेख मिलता है जिसका हजारों वर्षों पूर्व हमारे ऋषियों (वैज्ञानिकों) ने अविष्कार किया था l 108 = ॐ (जो पूर्णता का द्योतक...

AkashVani Nakshatra

श्रवण चरण फल

श्रवण चरण नक्षत्र प्रथम चरण इसका स्वामी मंगल है। इसमे शनि, चन्द्र, मंगल ♄ ☾ ♂ का प्रभाव है। मकर 10।00 से 13।20 अंश। नवमांश मेष। यह आकांक्षा, जीवनवृत्ति, सूत्रपात का द्योतक है। जातक...

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10 सरल वास्तु टिप्स

जीवन को खुशहाल बनाएंगे ये 10 वास्तु उपाय। वास्तु विज्ञान में हमारे पूर्वजों ने अपने दिव्य ज्ञान से ऐसे अनेक तथ्यों को शामिल किया है जो कि किसी भी भवन के रहवासियों को शांतिपूर्वक रहने में परम सहायक होते हैं।

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16 सिद्धियां

वाक सिद्धि जो भी वचन बोले जाए वे व्यवहार में पूर्ण हो, वह वचन कभी व्यर्थ न जाये, प्रत्येक शब्द का महत्वपूर्ण अर्थ हो, वाक् सिद्धि युक्त व्यक्ति में श्राप/वरदान देने की क्षमता होती है।

Shani Saturn | Shani Dev | Shani Maharaj

शनि की साढे साती

ज्योतिष के अनुसार शनि की साढेसाती की मान्यतायें तीन प्रकार से होती हैं। पहली लगन से दूसरी चन्द्र लगन या राशि से और तीसरी सूर्य लगन से, उत्तर भारत में चन्द्र लगन से शनि...

AkashVani Career

ज्योतिष से चुनें शिक्षा क्षेत्र

जन्म कुण्डली का नवम भाव धर्म त्रिकोण स्थान हैं जिसके स्वामी देव गुरू बृहस्पति हैं यह भाव शिक्षा महत्वाकांक्षा व उच्च शिक्षा तथा उच्च शिक्षा किस स्तर की होगी को दर्शाते हैं यदि इसका सम्बन्ध पंचम भाव से हो जाए तो अच्छी शिक्षा तय करते हैं ।

Kalsarpdosh Atal Satya

कालसर्प योग एक अटल सत्य

कालसर्प योग एक अटल सत्य
कालसर्प योग जो जातक के पूर्व जन्म के किसी जघन्य अपराध के दंड या शाप के फलस्वरूप कुंडली में होता है।