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Shani Saturn | Shani Dev | Shani Maharaj

शनि देवता के गोचर भ्रमण

जब शनि लग्न में गोचर कर रहे हों तो उनके दृष्टि क्षेत्र में तीसरा भाव प्रभावित हो जता है। तीसरे भाव छोटे भाई-बहन, पराक्रम व छोटी यात्रा का होता हैं।

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शनि साढ़े साती के चरण परिचय

शनि साढेसाती में शनि तीन राशियों पर गोचर करते है. तीन राशियों पर शनि के गोचर को साढेसाती के तीन चरण के नाम से भी जाना जाता है।

Budh Aaditya Yog

बुधादित्य योग (राजयोग)

बुधादित्य योग एक शुभ योग होने से सूर्य(राजा)+बुध(युवराज) की युति से बनने के कारण लम्बे समय तक शुभ फल देने वाला योग है क्योंकि राजा के बाद राज्य का उत्तराधिकारी युवराज ही होता है।

Shani Saturn | Shani Dev | Shani Maharaj

द्वादश भावों मे शनि का फल

जन्म कुंडली के बारह भावों मे जन्म के समय शनि अपनी गति जन्म कुंडली के बारह भावों मे जन्म के समय शनि अपनी गति और जातक को दिये जाने वाले फ़लों के प्रति भावानुसार...

Shanimaharaj

शनिमहाराजजी

आज हम आपको बतायेगें कि शनि महाराज को प्रसन्न करने के लिये क्या करें और क्या न करें? शनिवार के दिन यह दस चीजें ना लाएं घर में!!!!! किसी भी वस्तु के उपयोग या...

ShaniChandraMaa

शनि चन्द्रमाँ का योग

शनि चन्द्रमाँ का योग मानसिक तनाव देता है। शनि चन्द्रमाँ का योग मानसिक तनाव और मन के अस्थिर रहने की समस्या देकर एकाग्रता की कमी करता है। और ऐसा व्यक्ति अपने कार्यों को पैंडिंग...

Prem Aur Prem Vivaah | Love Marriage | Marriage | Love | Couple | Happy Couple

प्रेम व प्रेमविवाह के योग

प्रेम व प्रेमविवाह के योग
आज के समय मे लडका लडकी की आपसी पसदं से विवाह होना आम बात है बच्चो की खुशी के लिए माँबाप भी मना नही करते लेकिन हर विवाह चाहे लव हो अच्छे से चल जाए ऐ बहुत बडी बात है।